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जागरूक रहो, सफलता कदम चुमेगीं




शहर के बजाय गावों में ही रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को एजुकेशन में यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन दिया जाय तो वो शहरी छात्रों से पीछे नहीं हैं. इसी संकल्प से साथ ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के उत्तम भविष्य के लिए कैरियर क्लब कोचिंग संस्थान छात्रों को प्रशिक्षित कर रहा है. जो लगातार चार वर्षों से उत्तर प्रदेश की सरकारी पदों में 70 से 80 प्रतिशत सफलता हासिल कराता आ रहा है. मेरठ रोड़ पर मुरादनगर स्थित इस संस्थान में क्या खास है, आइये जानते है कैरियर क्लब कोचिंग के संचालक महेश शर्मा से.....

आपके संस्थान में किन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायी जाती है.

हमारे यहां राज्यस्तरीय सभी सरकारी सेवाओं की भर्ती के लिए तैयारी करायी जाती है.यूपीपीसीएस, एसएससी, पुलिस कांस्टेबल, एसआई एवं राज्य स्तर की सभी तरह की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई जाती है. खासतौर पर हम सिलेबस का ध्यान रखते हैं. आज प्रतियोगिता परीक्षा में सिलेबस में बदलाव आया है हमारे संस्थान की यही विशेषता है कि कम समय में हम छात्रों को तैयार कर दें. हम उन्हें समय समय पर नोट्स भी देते हैं.

अब तक आपके संस्थान के सफलता का क्या प्रतिशत रहा है.

यह संस्थान लगातार चार वर्षों से चल रहा है, जिसमें प्रतिवर्ष 70 से 80 प्रतिशत छात्र सफल होते हैं. यूपी पुलिस की परीक्षाओं में तो 80 से 85 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है. जिसका रिजल्ट अभी हाल ही में निकला है. जो छात्र सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं उनके लिए हम फिर से उन्हें सुविधाओं के साथ मेहनत करवाते हैं. संस्थान इस बात की खास ध्यान रखता है कि कोई छात्र क्लास रूम में जो सीखे उसे सही तौर पर उसका उपयोग कर सके इसी से हमारे यहां से सफलता का प्रतिशत काफी अच्छा है.

आपके संस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए क्या विशेष छूट है. क्या सरकार के ओर से भी कोई सहायता मिला है.

संस्थान के माध्यम से प्रतिवर्ष तलाश नामक अभियान चलाया जाता है, जिसमें गांव-गांव जाकर छात्रों को एजुकेशन के लिए अवेयर किया जाता है, इस योजना में गरीब व मेधावी छात्रों का निःशुल्क नामांकन किया जाता है और सभी छात्रों से पांच रुपये के प्रतिदिन शुल्क लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराया जाता है. सरकार की ओर से हमें कोई सहायता नहीं मिली है और न ही हम लेने को इच्छुक हैं.

आप जिस प्रकार से कोचिंग चला रहे हैं इससे आस-पास के छात्रों को लाभ भी मिल रहा है. हम जानना चाह रहे हैं कि आखिर कोचिंग चलाने से आपका क्या उद्देश्य है.

ग्रामीण क्षेत्र के छात्र जो शहर में जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते या फिर जिनके पढ़ाई में आर्थिक समस्या है इस संस्थान के माध्यम से ऐसे छात्रों के भविष्य को संवारना हमारा उद्देश्य है, जिसमें हमने काफी सफलता भी हासिल की है. आज ग्रामीण छात्र पढ़ने में तो अच्छे होते हैं लेकिन उनको माहौल नहीं मिलता है उन्हें गाइडेंस की सख्त आवश्यकता होती है जिसको हम पूरा करने की चेष्टा कर रहे हैं. ग्रामीण छात्र में आत्मविश्वास जागता है जिसके बाद वे अपने आप ही काफी अच्छा करते हैं.

आपके यहां से विभिन्न क्षेत्रों में छात्रों ने सफलता पाई है. आखिर इसका मूल मंत्र क्या है.

देखिए परीश्रम के अलावा कोई रास्ता तो है नहीं लेकिन कार्ययोजना बनाने काफी अहम होता है. हमने छात्रों को एक सूत्र दिया है तीन पी यानी तीन पी से सफलता अर्जित की जा सकती है. प्रैक्टिस, प्लानिंग और पैंशेन्स. किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए चार से छ माह की सघन तैयारी आवश्यक होती है. अब जरूरत इस बात की है कि आपका धैर्य बना रहे. धैर्यपूर्वक नियोजित तरीके से अभ्यास करते रहे तो सफलता अवश्य मिलेगी. आजकल छात्रों में देखा गया है कि बहुत जल्द सफलता चाहते हैं जिसके कारण कभी कभी छात्र शार्टकट मैथड अपना लेते हैं जो उनके लिए भारी पड़ता है. मैं तो यही सलाह देता हूं कि आप हमारे बताए तीन पी पर चलिए और सफलता पाइए

आपके पास विभिन्न विधा के छात्र आते हैं. आपसे हम जानना चाहते हैं कि आजकल छात्रों में क्या कमी देखी जा रही है.

अक्सर विद्यार्थियों में यह कमी देखने को मिलती है कि छात्रों में जागरूकता की स्तर थोड़ा कम है. अधिकांश छात्र परीक्षा से दो तीन महीने पहले ही तैयारी शुरू करते हैं. लेकिन जरूरत इस बात की है कि आप जिस परीक्षा में बैठना चाहते हैं तो इसके लिए काफी पहले से अपने आप को तैयार करना चाहिए. आप किसी भी विषय का अध्ययन करें तो उसके तह में जाएं जिससे की प्रश्न अगर कठिन भी हो तो हल आसानी से निकल सके. तार्किक तरीके से अध्ययन परीक्षा में सफलता दिलाता है. आज छात्रों में देखा गया है कि बेसिक ज्ञान की भी काफी कमी होती है हम उसपर काफी ध्यान देते हैं. आज सूचनाओं का समय है और तेजी से सूचनाएं आती हैं और वह कई तरह की नई अनुसंधान लेकर आती हैं अगर छात्र प्रतिदिन अखबार ध्यानपूर्वक पढ़े तो उसे कोई करंट अफेयर्स में रोक नहीं सकता है. हम इस ओर विशेष ध्यान देते हैं. जैसे अभी संसद चल रहा है तो उसके तकरार को केवल देखे बल्कि आखिर कैसे चलता है संसद. क्या है कार्यविधि इसको जानने के लिए किसी पुस्तक की पढ़न की आवश्यक उतना नहीं है जितना समझा जाता है अगर आप प्रतिदिन अखबार को पढ़ेंगे तो आपको कार्यविधि अपने आप समझ में जाएगा. छात्रों को दिन प्रतिदिन हो रहे बदलाव पर हम जागरूक करते हैं.

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